थाई मसाज में घुटने टेककर, करवट लेकर कंधे और पीठ को खींचने की तकनीक को अक्सर पार्श्व मांसपेशियों (लैटरल चेन) को लक्षित करने वाला माना जाता है।
थाई मसाज में घुटने टेककर, करवट लेकर कंधे और पीठ को खींचने की तकनीक को अक्सर पार्श्व मांसपेशियों (लैटरल चेन) को लक्षित करने वाला माना जाता है।
"सिर और गर्दन की आरामदेह मालिश (बैठकर सिर और गर्दन की मालिश)" थाई मालिश में एक सहायक खिंचाव क्रिया है। क्रिया की विशेषताएं: ग्राहक बैठा होता है, और मालिश करने वाला ग्राहक के पीछे और बगल में घुटनों के बल बैठकर, अपनी हथेलियों से ग्राहक के सिर और गर्दन के दोनों ओर, साथ ही गर्दन के पिछले हिस्से पर दबाव डालता है। प्रभाव: यह गर्दन की रीढ़ की हड्डी के दोनों ओर की मांसपेशियों और स्टर्नोक्लेइडोमास्टॉइड मांसपेशी को आराम देता है, जिससे गर्दन का तनाव, सिरदर्द और कंधों और गर्दन की अकड़न दूर होती है। 1. क्रिया का विवरण 2. इस क्रिया के विशिष्ट प्रभाव 3...
परंपरागत थाई मसाज (जिसे अक्सर "आलसी योग" कहा जाता है) की जटिल और सुरुचिपूर्ण मुद्राओं में, उपचार की अपनी अनूठी लय होती है: पैरों से शुरू होकर, टांगों की ऊर्जा रेखाओं का अनुसरण करते हुए (सेन...
असिस्टेड कोबरा पुल-अप...
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